विज्ञापन

प्यार और नफ़रत

SARYU PRASAD

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अरे यार, नफरत करने के लिए इतना समय कहाँ से लाते हो,
        
                                                    
                            
मुझे तो मोहब्बत करने के लिए भी ज़िंदगी कम लगती है...
ये दिल तो बना है प्यार के लिए,
नफरत में क्यों इसे भरते हो..
दो पल की है जिंदगी, हँस के जी लो,
क्यों बेवजह दिलों में ज़हर भरते हो..
मोहब्बत से ही रोशन है ये जहाँ सारा,
नफरत से क्यों इसे अँधेरा करते हो..
आओ, प्यार बाँटें, गिले-शिकवे मिटा दें,
इसी प्यार में तो खुदा बसता है..
मिटा कर दूरियाँ, बाँहें फैला कर देखो,
हर इंसान में तुम्हें अपना ही अक्स दिखेगा।
ये नफ़रत तो बस एक पल का साया है,
मोहब्बत का दिया तो सदियों तक जलेगा।
चलो आज एक नई शुरुआत करते हैं,
दिलों के सारे शिकवे भुला देते हैं।
नफ़रत को हरा कर इस जहाँ में,
सिर्फ़ और सिर्फ़ मोहब्बत जगा देते हैं।
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rajan

30 कविताएं

View Profile