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रूबरू तुम मेरे नहीं होते तेरी तस्वीर साथ होती है

Saroj Yadav

Mere Alfaz
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                            वक्त मिलता नही तुम्हे फिर भी मेरी हर रोज बात होती है
        
                                                    
                            
रूबरू तुम मेरे नही होते तेरी तस्वीर साथ होती है

वक्त जो साथ बिताया तुमने मेरी दुनिया समा गई उसमे
एक सागर से लगे तुम मन को मैं थी दरिया समा गई जिसमें
अब अलग होके कुछ वजूद नही सांस रुकने सी बात होती है
रूबरू तुम मेरे नही होते तेरी तस्वीर साथ होती है

मैं शिकायत नही करती तब भी तेरी हर बात याद आती है
जो कहा था कभी मुहब्बत में उसकी हर याद अब रुलाती है
कितना भी खुद को संभालूं लेकिन बारिशें सारी रात होती हैं
रूबरू तुम मेरे नही होते तेरी तस्वीर साथ होती है

लग गया रोग फिर भी जिंदा है ये कयामत से कोई कम तो नही
इस तरह दर्द बसाया दिल मे देखो आंखे हमारी नम तो नही
मैने मुस्कान ओढ़ रखा है दिल में अश्कों से बात होती है
रूबरू तुम मेरे नही होते तेरी तस्वीर साथ होती है

वक्त मिलता नही तुम्हे फिर भी मेरी हर रोज बात होती है
रूबरू तुम मेरे नही होते तेरी तस्वीर साथ होती है

सरोज यादव सरु

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