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निराशा मैं आशा

Sapna Gautam

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सपने टूट जाएं तो निराशा क्यों?
        
                                                    
                            
अपने रुठ जाएं तो निराशा क्यों?
आत्मविश्वास टूटे तो निराशा क्यों?
जब आशा से चल रहा है संपूर्ण जगत तो, आपके जीवन मैं निराशा क्यों?
उठो चलो नए रास्तों पर नई उम्मीदों से,सब्र रखो नए अच्छे कल के लिए।
प्रेरणा बन जाओ अपनी भी और दूसरों की भी।
रोज़ नया सवेरा होता है,तो खुद के जीवन मैं नए सवेरे मैं अंधकार क्यों?
नए सवेरे से दिशा दो खुद की जिंदगी को भी, जीवन के नए सवेरे के लिए।
उठो नया दिन बनाओ नए सपने सजाओ,
जिंदगी का एक अध्याय ख़राब होने से भला
पूरी जिंदगी कहा ख़राब होती है।
सपने टूटे नए सपने सजाओ,
अपने रूठे नई उम्मीद और नई ऊर्जा से मनाओ।
आत्मविश्वास टूटे खुदको नई दिशा देकर जोड़ दो,
बस जोड़ो ख़ुद को जोड़ो मज़बूत बनाओ।
निराशा मैं यूं आशा ढूंढ लाओ।
-सपना गौतम
 
6 महीने पहले
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