कुछ चले गए,
कुछ जाने वाले हैं,
ये ज़िंदगी अब उस रब के हवाले है।
वो कब किसे बुलाए,
कब किससे मिलाए—
ये सब उसकी लीला निराली है।
हम तो बस उसके हाथों की कठपुतली हैं,
कहानी वही लिखता है,
और हर किरदार उसी की कहानी है।