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“ज़िंदगी एक हिसाब है, जो जन्मों से चलता आया है”

sanserpal singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर कोई लगा है खोजने कि ज़िंदगी क्या है,
        
                                                    
                            
किसी ने इसे सफ़र कहा,
किसी ने संघर्ष,
किसी ने उत्सव और मस्ती,
तो किसी ने रिश्तों की मिठास में इसे देखा।
मैं सोचता हूँ—
ज़िंदगी शायद वह हिसाब है,
जो अनंत जन्मों से चलता आया है।
जो दिया है, उसे देने आए हैं,
जो लिया है, उसे लौटाने आए हैं,
कुछ रिश्ते निभाने आए हैं,
कुछ ऋण चुकाने आए हैं।
शायद यही ज़िंदगी है—
पिछले कर्मों का परिणाम,
आज के कर्मों का अवसर,
और आने वाले कल की नींव।
हम यहाँ केवल जीने नहीं आए,
बल्कि जो अधूरा रह गया है,
उसे पूरा करने आए हैं।
2 घंटे पहले
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