ऐ जिंदगी, तूने जीना सिखा दिया,
चेहरों को पढ़ना सिखा दिया।
कौन इंसान है, कौन शैतान,
तूने सब कुछ बता दिया।
जिन्होंने इन चेहरों पर जमी धूल को हटाना सीख लिया,
समझो उन्होंने जिंदगी को जीना सीख लिया।
धोखा खाने से पहले धोखेबाज़ को पहचान लो,
हर मुस्कुराते चेहरे को अपना मानने से पहले,
उसके किरदार को जान लो।
चेहरे पर तो हर कोई अच्छाई का नकाब रखता है,
मगर इंसान वही है, जो दिल में इंसानियत रखता है।
मीठे बोलों से ही किसी की पहचान मत करना,
हर चमकती चीज़ को सोना मानने की भूल मत करना।
क्योंकि चेहरे तो वक्त के साथ बदल जाते हैं,
मगर किरदार के निशान अक्सर सब कुछ बता जाते हैं।