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एक दिन

Sanket rajak

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            "एक दिन ऐसा लाऊँगा ,
        
                                                    
                            
जो चाहा था वो सब पाउँगा ।

जो लोग आज मेरी तरफ़ देखते नहीं,
वो कल मुझे देखना किस्मत समझेंगे।

जो लोग मुझे आज जानते नहीं,
वो कल मुझे जानना चाहेंगे।

लेकिन क्या मैं ये सब कर पाऊंगा?
सब से बड़ा बन पाऊंगा?

माना ये संभव नहीं ,
लेकिन असंभव भी नहीं ।

मैने कुछ सोचकर ये ठाना होगा,
अपनी गलतियों को माना होगा ।

हर बार असफल रहा हु ,
एक आखिरी बार कोशिश करना चाहता हु।

लेकिन अगर मैं इस बार हार गया,
तो फिर शायद कभी जीत न पाऊ।

हालांकि बाद में भी जीता जा सकता है ,
लेकिन "समय निकल जाने के बाद मिलने वाली खुशी,
अक्सर अधूरी ही महसूस होती है।"

 
3 महीने पहले
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