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याद-ए-यार

Sanjeev Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम लौट आओ आज भी इंतजार है
        
                                                    
                            
यक़ीनन दिल में अब भी क़रार है

जानते दोनों है वक़्त निकल गया है
फ़िर भी दोस्त हो जाने का ख़ुमार है

कल भी झूठ नहीं था, कुछ आज भी नहीं है
सच कुछ है, तो दिल में जगह अब भी बरक़रार है

फुर्सत मिले, बैठना सुकून से "जीव" की यादों में
तुम ने जो कहा,उसके बाद से बस याद-ए-यार है
2 महीने पहले
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Manju Sharma

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