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याद-ए-यार

                
                                                         
                            तुम लौट आओ आज भी इंतजार है
                                                                 
                            
यक़ीनन दिल में अब भी क़रार है

जानते दोनों है वक़्त निकल गया है
फ़िर भी दोस्त हो जाने का ख़ुमार है

कल भी झूठ नहीं था, कुछ आज भी नहीं है
सच कुछ है, तो दिल में जगह अब भी बरक़रार है

फुर्सत मिले, बैठना सुकून से "जीव" की यादों में
तुम ने जो कहा,उसके बाद से बस याद-ए-यार है
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3 घंटे पहले

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