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इस बात का डर उनको जरूर है

Sanjeev Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आसमाँ पर तुम्हारा जो अभी गरूर है
        
                                                    
                            
ये फकत तख्त की ताकत का सरूर है

जब चल पड़े हज़ारों कारवाँ मिलकर
बढ़ना है आगे, नही रुकना मंजूर है

गूंज रहे है फ़िज़ा मे विप्लव के गीत
देख लेना अब, कहाँ मंज़िल दूर है l

छीन ना ले कहीं तुम्हारा तख्त ये दिवाने
इस बात का डर उनको जरूर है
2 घंटे पहले
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