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यमुना के उस पार

Sanjai kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मंथर गति से नाव चली,
        
                                                    
                            
अपनी यमुना के उस पार
चले झूमते मस्ती से हम
हाथ में अपने है पतवार

इन नदियों से ही होता था
पहले जग में सभी व्यापार
पथिक नावपर चढ़कर ही तो
करते थे नदियों को पार
2 घंटे पहले
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Suresh Kumar

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