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टूट न जाए, संभल कर खेलो।

Sanjai kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं भी खेलूँ ,तुम भी खेलो
        
                                                    
                            
रोना मत तुम हँस कर खेलो
बैट पुराना नया बॉल है
टूट न जाए, संभल कर खेलो।

बने महान क्रिकेटर हम भी
भैया मेरे ऐसा खेलो
हम अबोध नादान अभी हैं
हे ईश्वर ! सारे ग़म ले लो।
एक घंटा पहले
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Suresh Kumar

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