झूठ कभी ना बोलो बच्चों,
झूठ बोलना होता पाप ।
साहस को यह खा जाता है,
ऐसा है अभिशाप ।।
गिर जाते नजरों में सबके,
झूठ बोलने वाले ।
सबको धोखा देते हैं ये
होते दिल के काले ।।
रहो सदा तुम दूर झूठ से,
जीवन में सफल रहोगे ।
कितनी ही बाधाएँ आएँ,
उन्हें हंसते हुए सहोगे ।।
झूठ बुद्धि को करती भ्रष्ट,
धर्म की करती सत्यानाश,
झूठ बोलने वाले जन का,
हो जाता है जीवन नाश ।।
करो प्रतिज्ञा मिलकर आज,
झूठ कभी ना बोलोगे,
केवल सत्य ही निकलेगा,
जब भी मुँह तुम खोलोगे ।।