शेर सिंह ने जंगल में, जलसा एक कराया
सभी जानवरों को बुलवाकर, ठंडा खूब पिलाया
भालू राम ने खुश होकर के, ठुमका खूब लगाया
और कौए ने पंचम सुर में, मीठा भजन सुनाया ।
बंदर ने बंदरिया के संग, जंगल खूब सजाया
हरे, गुलाबी, नीले,पीले, झंडे खूब लगाया
उछल-उछल कर पत्तल पर, मेंढक अबोध टर्राया
फिर सबको चख-चख करके,मीठे पकवान खिलाया ।