ला द तिरंगा रंग झंडवा ए पापा !
जाये चाहतानी हम सीमवां पे हो–
आज काम बा ।
घुस आइल दुश्मनवां,
तोड़ब उनकर अरमनवां,
हरे द तूं उनकर अब परनवां हो,
आज काम बा ।
ला द तिरंगा रंग झंडवा ए पापा !
जाये चाहतानी हम सीमवां पे हो,
आज काम बा।
देख होखे गोलाबारी,
दिन पर दिन होखे बमबारी,
तोड़े द तूं उनकर अब गुमनवां हो,
आज काम बा।
ला द तिरंगा रंग झंडवा ए पापा !
जाये चाहतानी हम सीमवां पे हो,
आज काम बा ।
घर में घुस के ऊ ललकारे,
केतने लोग के देख मारे,
आज मरोड़े द तूं उनकर गरदनवां हो,
आज काम बा ।
ला द तिरंगा रंग झंडवा ए पापा !
जाये चाहतानी हम सीमवां पे हो,
आज काम बा ।।