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भगवत गीते

Sandhya Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            है! भगवत गीते,
        
                                                    
                            
तुझे नमन करे हम माता।।

तुझमें है जीवन का ज्ञान,
तू है!मुक्ति की दाता।।

कुरुक्षेत्र में जन्म हुआ
तेरा,
मोक्षदा एकादशी तिथि
का पावन फेरा।।

तू है! ज्ञान की देवी,
इस लोक परलोक में तारने
वाली।।

धर्म पथ पर तुम हो चलाती,
कर्म पथ पर चलना सिखाती।।

इस लोक परलोक दोनों में
मंगलमय मार्ग दिखाने वाली।।

तुझमें वेदों, उपनिषदों का
सार सारा,
घोर अन्धकार से भरे मार्ग में भी
मार्ग दिखाने वाला।।

तुम हो कृष्ण मुख की वाणी,
जीवन जीने की कला सीखा
हमारा जीवन सफल बनाने
वाली।।
-संध्या शर्मा "श्रेष्ठ"
 
एक वर्ष पहले
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