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स्वप्निल खयाली में

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उनकी मौजूदगी से जो तरंगें उठती थीं
        
                                                    
                            
उनके बिना भी वो तरंगें क्यों आ आती हैं

बयाँ करेगा क्या-क्या बता संदीप कुँवर
स्वप्निल खयाली में दुनिया ये डूब जाती है
-कुँवर
3 घंटे पहले
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