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मत उलझो औरों में जा

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मत उलझो औरों में जाकर
        
                                                    
                            
अपना कम करो मन लाय
पीछे किसी के नहीं पड़ना है
एक दो बार दो बात बताय
जो जिसके मन को भाया है
उसी की बातें उसको भाय
बात तुम्हारी सही भी हो
तो भी उसको मिर्ची लग जाय
उसे भुला दो जो सीखे हो
हुआ पुराना अब वह भाय
ज्ञान वही चल पाता है जो
जाने कैसे सके पटाय
जिसे कमाई से मतलब है
मत तो उसे कम का ज्ञान
बात रहेगी सही मगर वह
कर देगी उसको हैरान
देखे को अनदेखा कर दो
सुनकर करो अनसुना खेल
मत उलझो औरों में जाकर
बना रहे खुशियों से मेल
-कुँवर संदीप सिंह
2 महीने पहले
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