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दिन-रात दोनों का

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिन-रात दोनों का साथ है जीवन
        
                                                    
                            
मिले उजाला सदा यह जरूरी नहीं
रात को भी स्वीकारो उतने ही प्रेम से
यही देती दिन को मोल उसका सही
-कुँवर संदीप सिंह
3 घंटे पहले
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