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डेकोरम टूट जाता है

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो भी करता हूँ आवेग में आकर
        
                                                    
                            
उसी कार्य से डेकोरम टूट जाता है
जो भी उस कार्य का लक्ष्य होता है
उसीका मनोभाव तब रूठ जाता है
भुला रहा हूँअब सीखे हुए ज्ञान को
ससुराल में मैके का ज्ञान छूट जाता है
जिसे समझ रहा था सही अब तक
वही इस अनुभव में बन झूठ जाता है
-कुँवर संदीप सिंह
एक महीने पहले
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