विज्ञापन

भांप लेता हूँ

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क्या देखते हो यह तो
        
                                                    
                            
मुझको पता नहीं
क्या सोचते हो कुछ तो
मगर भांप लेता हूँ
-कुँवर
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all