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राम रहीम

Sahdeo Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमारे रगों में बहता खून
        
                                                    
                            

पुकार रहा हमारी इंसानियत को,

हम क्यों खो दिए हैं अपनी संस्कृति

मजहबी उन्मादी में,

हमारे प्यार हमारे भाई चारे की मिसाल

दुनिया सराहती है,

कई धर्मों का हमारा देश इंसानियत

हमारी थाती है ,

क्यों बिखर गए हम सब धर्म मजहब की

लकीरों में,

हमारे राम रहीम दोनों हमारे प्यार की झांकी हैं ।।
4 वर्ष पहले
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