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नही किया

Sachin Nigam

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सोचते सोचते तुमको
        
                                                    
                            
हमने सोचना शुरू किया
जो सोचना शुरू किया
तो फिर खतम नही किया

हवाओ की तरह थी तुम
आ ही गई
हमने विशेष कोई
जतन नही किया

ख्वाब तक ही सीमित रहे
आगे ना बढ़े
तुम्हे देखने के अलावा
हमने कोई जुर्म सनम नही किया

मुस्कुराते रहे बे वजह
जमाने से बे फिक्र
तुम्हे देखते थे तुम्हे देखा
तुम्हे देखना कम नही किया

क्यू हो रहा है असर
मेरे दिलो-दिमाग पे
जबकि अपने पे हमने
कोई सितम नही किया
-सचिन निगम
एक महीने पहले
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