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दिन में चांद

Saanvi Dubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सूर्यग्रहण देखो, वह आया,
        
                                                    
                            
सारे आसमान पर छाया।
सोचे नन्हा बालक,
क्या छिपी है इसमें काया?
दिन में चाँद कहाँ से आया?
आसमान से किरणें आए,
मेरे नेत्रों में हैं समाए।
बच्चों में जिज्ञासा लाया,
देखो चाँद कहाँ से आया।
सूर्यग्रहण देखो, वह आया,
सारे आसमान पर छाया।
- सानवी दुबे
एक महीने पहले
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