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सबके दिल मे कर लिया राज

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बड़ा होता है मोहना
        
                                                    
                            
झेलम जिले मे , एक गाव मे
न बिजली, न सड़क पक्की
पर पाता है जिन्दगी मे
अभूतपूर्व तरक्की
चार वर्ष की अल्पायु में ही
माँ का हो गया निधन
लेकिन दादी और दादा ने किया
बहुत अच्छा पालन-पोषण ।

पिता पेशावर में करते थे
कपड़ो का व्यापार
पर काजू किशमिश और अखरोट
बहुत प्यार से भेजते थे
13 साल की उम्र तक
मनमोहनजी ने बेफिक्र पढ़ाई की
और दोस्तो के साथ खुब
मैदान मे खेली हाकी।

14 वर्ष की आयु में
झेला भारत का विभाजन
परिवार ने हरिद्वार की
निर्मल अखाड़ा के विरक्त
कुटिया में ली शरण
वहां दो साल तक रहे,
सुबह करीब साढ़े तीन बजे
से चार बजे के बीच
कर लेते थे रोज स्नान ।

पड़ने के लिए इंग्लैंड गये,
मित्र जगदीश भगवतीजी ने
प्रातकाल मे स्नान की आदत को देखा
किया भविष्य का आंकलन
बोले "बहुत दुर तक जाएंगे मनमोहन"
सत्य हआ उनका वचन
रिज़र्व बैंक के गवर्नर, वित्त मंत्री
और प्रधान मंत्री के पदो को
किया मनमोहनने सुशोभन ।

प्रधानमंत्री रहते होता है
बाईपास (दिल )का लंबा ऑपरेशन
होश आने पर डॉक्टर
रमाकान्त पांडा पूछते है
आप कैसे हैं ?
पर वे पूछते हैं
" मेरा देश कैसा है,
कश्मीर कैसा है "
उनको नही थी
अपनी फीकर
देश के सेवा के लिये
थे हमेशा तत्पर ।
दोस्तो को हमेशा रखते थे याद
चंडीगड़ के हंसराजजी को
जब भी देखते तो बोलते
"कि हाल है हंसराज "?
अपनी सादगी और व्यवहार से
सबके दिल मे कर लिया राज।
-सुबीर कुमार भट्टाचारजी


 
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