टूटा हुआ आईना किसी ने जोड़ा है क्या
मोहब्बत को भी किसी ने छोड़ा है क्या
तुम इतना ध्यान से क्यों पढ़ रहे हो
मेरी शायरी को मित्र क्या किसी ने
तुम्हारे भी दिल को तोड़ा है क्या