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सच्ची लाइन

Ruchi Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सबके होते हुए भीकभी-कभी
        
                                                    
                            
कितने अकेले हो जाते हैं हम
कहने को तो कितना कुछ है मन में
फिर भी इतना खामोश रह जाते हैं हम
भर जाती है कभी-कभी अपनीनजरे
इतना ज्यादा की उसे छुपाते रहते हैं हम
दिल में अपने दर्द छुपा कर
मुस्कुराते रह जाते हैं हम

 
एक महीने पहले
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Aditya Mishra

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