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यदि मौन मुखर हो जाए तो आसान सफ़र हो जाएगा

Rohit Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            यदि मौन मुखर हो जाए तो ,आसान सफ़र हो जाएगा
        
                                                    
                            
हम प्रेम का दीप जलाये तो मन प्रेम नगर हो जाएगा
कब तक चुप बैठोगे ऐसे
पत्थर की मूरत हो जैसे
करूँ आचमन पुष्प चढ़ाऊँ
बोलो तो कोई गीत सुनाऊँ
वाह करो इन अधरों से,मेरा गीत अमर हो जाएगा
यदि मौन मुखर हो जाए तो ,आसान सफ़र हो जाएगा
रह जाएगा पनघट प्यासा
यदि नदी वैरागी हो जाएगी,
यदि सूरज आँख मिचोलेगा
तो भोर उदासी हो जाएगी
इन ज़ुल्फ़ों के अंधियारे से ,देखो तो सहर हो जाएगा
यदि मौन मुखर हो जाए तो आसान सफ़र हो जाएगा
शाम सुहानी देखो प्रियतम
पंछी कलरव गान करे
लब अपने तुम खोल के बोलो
हम कितना गुणगान करे
एक नजर जो देख लो तुम तो ये गांव शहर हो जाएगा
यदि मौन मुखर हो जाए तो आसान सफ़र हो जाएगा
—रोहित तिवारी
एक दिन पहले
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