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कविता :- ओ तमन्ना, ओ ज्योति बहना

Rohit Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ओ तमन्ना, ओ ज्योति बहना,
        
                                                    
                            
तुम हो मेरे दिल का गहना।
सदा हंसती-मुस्कुराती रहना,
दुख हो कोई तो मुझसे कहना।

रेशम का यह पावन धागा,
जैसे सोता भाग्य जागा।
तेरी राखी है मेरा अभिमान ,
तुम ही हो मेरी प्यारी जान ।

खास है तेरा-मेरा रिश्ता,
तुम हो रब का भेजा फ़रिश्ता।
भाई का वादा है तुमसे,
खुशियाँ कभी न छूटें तुमसे

भाई का यह पक्का वादा,
नेह निभाऊँगा सबसे ज़्यादा।
सदा सुखी संसार तुम्हारा,
अमर रहे यह प्यार हमारा।

सदा मिले तुझे प्यार मेरा,
खुशियों से भरा हो संसार तेरा।
ओ तमन्ना , ओ ज्योति बहना,
तुम हो मेरे दिल का गहना।
— रोहित शर्मा भारद्वाज 'नादिर'
एक महीने पहले
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