विज्ञापन

यादो और स्मृतियों में

Ritu Matawale

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुंदर स्मृति से परिपूर्ण,सदा विराजित रहती हो।
        
                                                    
                            
पास नही रह कर साथी,सदा ही पास तुम रहती हो।
सपने भी तेरे होते है, गहरी अंधेरी रातो में।
सदा ही निवास रहती हो,मेरे दिल के अरमानों में।
मस्त हवा का झौका बन कर,दिल मे बहती रहती हो।
खुसबू के बगानों में,सुंदर महकती एक कली हो।
आसमान के चाँद से सुंदर,चेहरा तेरा निराला है।
तू साथी हमफ़र है मेरा,तेरे स्मृति भी बहुत प्यारा है।
दिल की हर कोने को,इद्र से भर जाती हो।
दे जीवन को आनन्द तुम,सुकून भर जाती हो।
ओ मेरे साथी हमसफ़र,सच्ची प्रेम कहानी हो।
पास नही रह कर भी,पास नजर आती हो।
ये जीवन की बगिया को,खुसबू से भर जाती हो।
चंचल आँखो से,प्यार ही प्यार बरसाती हो।
कुछ वक्त की खामोसी ने,दूर जरूर किया है हमे।
तुझे दिल मे रखने के लिए,कोई रोका नही है हमे।
ये वक्त ही है साथी,जो एक दिन पास लाएगा।
फिर से जीवन मे,हरियाली और सावन लाएगा।
पर तेरे यादो के स्मृति से,विरक्त हम ना हो पाएंगे।
तू पास नही है फिर भी,तेरा साथ निभाएंगे।
तेरे सुंदर सी चेहरा को,जीवन का स्पर्श कराएंगे।
तेरे स्मृति में भी,सुंदर सा महकता फूल खिलाएंगे।
तू सावन की झड़ी,बसन्त की सुंदर फुलझड़ी है।
हरियाली भरी जीवन की,एक सुंदर सी कड़ी है।
सांसो के हर सुर में,तेरा संगीत गुनगुनायेंगे।
तेरे सच्ची मोहोब्बत को,इस दिल मे सजायेंगे।
तू साथी हमसफ़र है मेरा,तेरे यादो से जीवन सजायेंगे।
तू पास नही है फिर भी,तुमको हम पास पाएंगे।
मेरे इस मन मंदिर में,सदा विराजित रहती हो।
ओ मेरे साथी हमसफ़र,दूर रह कर भी पास नजर आती हो।
मेरे हृदय के अंतर मन मे,खुसबू बन रह जाती हो।
मेरे जीवन के हर पल को,अपने प्यार से भर जाती हो।
तेरे दूरी का गम नही है साथी,यादो में तो रहती हो।
पास नही होकर भी,तुम स्मृतियों में सदा ही रहती हो।
तेरे प्यार भरे नयनो की,यादो में खोए रहते हैं।
काली-काली बालो की,जुल्फों में सोए रहते हैं।
तेरे प्यार भरे बातो की,स्मृति में खोए रहते हैं।
प्यार भरे ओ वक्त को,स्मृति मे बसाये रहते हैं।
जीवन के हर छन -छन में,तुमको साथ रखते हैं।
तेरे प्यार भरी हर बातो को,दिल मे सजाये रखते हैं।
ओ मेरे साथी हमसफ़र,तुम्हे सच्चा प्यार कहते हैं।
ओ मेरे साथी हमसफ़र,तुझे जीवन का उपहार कहते हैं।
वक्त की रंजिस ने,दूर होने को मजबूर किया।
पर दिल मे रखने के लिए,किसी ने मना नही किया।
ये सांसो की अंत तक,स्मृतियों में साथ तुझे रहना होगा।
प्यार भरे यादो को,जीवन भर रहना ही होगा।
पास नही हो साथी,स्मृति मे सदा ही रहना होगा।
जीवन के हर छन, परछाई बन कर चलना होगा।
दूर रह कर भी,साथ निभाना ओ मेरे जीवन साथी।
यादो और स्मृतियों में ,रुक जाना ओ मेरे जीवन साथी।
19 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Vijay BindaasRaja

192 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

12711 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10438 कविताएं

View Profile