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घनाघोर बारिस में ,छतरी बन बचना तुम।

Ritu Matawale

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गर्दिश भरी तूफानों में,साथ नही छोड़ना तुम।
        
                                                    
                            
मेरे मन की हर भावो में,प्यार बनके रहना तुम।
साथ रहा परिवार रहा,साथी बनके रहना तुम।
जीवन का आधार रहा,सांसे बन कर चलना तुम।
पास नही हो कर भी ,अहसास बनके रहना तुम।
मेरे जीवन साथी,साथ कभी ना छोड़ना तुम।
मेरे प्रेम भरी भावो में,प्यार बनके रहना तुम।
मेरे अंतर मन मे,इंतिजार बन के रहना तुम।
मेरे जीवन साथी,प्यार बनके रहना तुम।
पास नही हो कर भी,आस-पास ही रहना तुम।
मेरे आँखो में,सुंदर ख्वाब बनके रहना तुम।
मेरे दिल के हर कोने में,प्यार बन के रहना तुम।
तुम मेरे हो जीवन साथी,साथ सदा ही रहना तुम।
गर्दिश भरे तूफानों में भी,साथ मेरे चलना तुम।
दूर रहो या पास रहो, सदा हृदय में रहना तुम।
सुने और वीराने पन में,याद बनके रहना तुम।
पास नही हो मेरे,मेरे स्मृति में सदा ही रहना तुम।
संघर्ष भरी जीवन मे भी,साथ नही छोड़ना तुम।
भटक जाऊ राहो पर तो,रास्ता मुझे दिखाना तुम।
मेरे हृदय के अंतर भावो में,निवास सदा रहना तुम।
मेरे स्मृति के हर छन में,यादे बन कर रहना तुम।
ओ मेरे जीवन साथी,आस-पास ही रहना तुम।
रातो के हर ख्वाबो में,साथ मेरे रहना तुम।
संकट के हर घड़ी में,पास मेरे रहना तुम।
मेरे आंगन की फुलवाड़ी में,चम्पा बन महकना तुम।
स्मृति के हर यादो में,गुलाब बन खिलते रहना तुम।
ओ मेरे जीवन साथी,आस-पास ही रहना तुम।
दर्द भरी जीवन मे, दवा बन कर रहना तुम।
हर सुख दुख मे, साथ मेरे रहना तुम।
स्मृति और यादो में भी,प्यार बन बरसना तुम।
मेरे मन मंदिर में,प्रेम का फूल सदा चढ़ाना तुम।
पास नही रह कर भी,प्यार का अहसास दिलाना तुम।
ओ मेरे जीवन संगनी,सदा ही साथ निभाना तुम।
तपिस धूप में,मीठी छाव बन रहा जाना तुम।
घनाघोर बारिस में ,छतरी बन बचना तुम।
मेरे घर आंगन में,खुसबू सदा फैलाना तुम।
ओ मेरे जीवन साथी,सदा ही साथ निभाना तुम।
पास नही हो कर भी,प्यार का अहसास दिलाना तुम।
मेरे जीवन के हर सपनो को,पूरा कर जाना तुम।
आँखो से जब आँसू निकले,मेरे दिल मे रुक जाना तुम।
हृदय के हर कम्पन में,विराजित हो जाना तुम।
ओ मेरे जीवन साथी,सदा ही साथ निभाना तुम।
मेरे तन -मन और हृदय में,सदा ही रह जाना तुम।
पास नही हो मेरे,फिर भी साथ निभाना तुम।
ओ मेरे जीवन साथी,सदा ही साथ निभाना तुम।
गर्दिश भरे तूफानों पर, साथ नही छोड़ जाना तुम।
ओ मेरे जीवन साथी,सदा ही साथ निभाना तुम।
साथ नही हो कर भी,प्यार का पुष्प खिलाना तुम।
ओ मेरे जीवन साथी,सदा ही साथ निभाना तुम।
मेरे रोम-रोम में,यादे और स्मृति बन रहा जाना तुम।
पास नही रह कर भी,सुखद अहसास दिलाना तुम।
जीवन के हर ताने-बाने मे, सदा ही साथ निभाना तुम।
ओ मेरे जीवन साथी,हर पल साथ निभाना तुम।
ओ मेरे जीवन साथी,हर पल साथ निभाना तुम।
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