विज्ञापन

क्रिकेट एक मनोरंजक खेल

Ritika Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क्रिकेट महज़ एक मनोरंजक खेल,
        
                                                    
                            
या बाप बेटे के टेढ़े रिश्ते का मेल |

नीली पोशाक पहनें 11 खिलाड़ी तैनात,
दुशमन की सर ज़मीं पर उनकी ही मात |

कुछ खिलाड़ीयों ने जीत अपने नाम की ,
तो वहीं कुछ ले कर गये हमारा दिल भी,

"माही", "धौनी", या "कैप्टेन कूल" कहें,
इन सबके मायने हमेशा एक ही रहें,

माथे की लकीरों से उसने लड़ाई ठानी थी,
आख़री वक़्त में भी उसने हार नहीं मानी थी,

उन आँखों के वो आँसू हमें ग़वारा नहीं,
ऐसी हज़ार जीत उनके नाम कर दें हम यूँही,

कई खिलाड़ी आये,
खेले, और चले गये,

मग़र,नीले लिबास में, एक क्रांतिकारी आया था
कई दफ़ा उसने हमें जिताया था,
एक दिन लड़ाई चरम पर थी, तब
भी इस वीर को हमनें लड़ता ही पाया था |

क्रिकेट महज़ एक मनोरंजक खेल,
या हर उम्र के भारतीय का मेल |


रितिका पांडेय


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
7 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all