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~हम सैनिक हैं~

Rishikesh Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हम सैनिक हैं, हम सब सह लेंगें,
        
                                                    
                            
तुम अच्छे मकानों में रहो,
हम शून्य तले भी रह लेंगें.
बस तुम केवल हौसला अफ़जाई करो,
स्वर्ग-समंदर चरणों में कर देंगे.
हम थके नहीं हम रुके नहीं,
हम आश जहां के, हम झुके नहीं.
हम बुजुर्ग नहीं हम सुसुप्त नहीं,
हम तरंग समंदर के, हम विक्षिप्त नहीं.
हर परिभाषा, जो हमसे परिभाषित है,
बेहिचक संदर्भित कर लेंगें.
हम सैनिक हैं, हम सब सह लेंगें,
तुम अच्छे मकानों में रहो,
हम शून्य तले भी रह लेंगें.
चहरदीवारी, बर्फ़बारी मुश्क़िल में भी हसना,
प्रचंड-भीषण ज्येष्ठ दुपहरी शीतल बनके ही रहना.
लावारिश मेंघ, संग चपला अट्ठहास करना,
ये प्रतिज्ञा हमारी, सघन शून्य झुके हमें न झुकना.
हम प्रण-पथ के पथिक,
कांटो पे भी चल लेंगें.
हम सैनिक हैं, हम सब सह लेंगें,
तुम अच्छे मकानों में रहो,
हम शून्य तले भी रह लेंगें..-RISHIKESH YADAV




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