विज्ञापन

सिपाह सालार

Rishabh Bhatt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ये पहली मुलाकात हो चाहे सब्ज क़दम,
        
                                                    
                            
या ज़दे–जिस्म पे लिखी कोई हार,
तुम इश्क़ बनके रहियो वो चाहें आई हो,
शजर–ए–इश्क़ मिटाने, बन सिपाह सालार।
– ऋषभ भट्ट
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all