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घनघोर अंधेरा है

Rinkee goswami

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            घनघोर अंधेरा है,पर रातों को जगना है।
        
                                                    
                            
मुश्किल दर मुश्किल है,पर आगे को बढ़ना है।

माना कि आसान नही, मंजिल को पाना है।
फिर भी साहस का परिणाम दिखाना है।

गर रहे घरों में बैठे,तो क्या जाने शहरों की दूरी।
घर से निकलो,आगे बढ़ो,फिर कर दो मैराथन पूरी।

सब होता गर आसान यहां,तो नहीं लड़ाई लड़नी पड़ती।
फिर राम न होते वनवासी,न सीता धरती में जाती।

यदि एक हार के डर से,कोशिश करना छोड़ोगे।
तो सच है कि जीवन में ,नहीं सफलता पाओगे।
23 घंटे पहले
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Ankit Kumar

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