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जी ले! यह जीवन।

Rikesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क्या बात रही यौवन,
        
                                                    
                            
हंसेंगे भले ही यह भुवन,
तू बहरा होकर
चलते चल,
चल ले!
जी ले! यह जीवन।

मरण है, निश्चय ही,
आने दे सौ विपद
तू सिर्फ बढ़ा अपना पद,
गड़े कंकरियां ,पर,
चलते चल,
सहते चल,
चल ले!
जी ले! यह जीवन।

आ जाए अपार कष्ट,
हो जाए सबकुछ नष्ट,
सिर्फ,
खुद से लड़ते चल, बस,
चलते चल,
चल ले!
जी ले! यह जीवन।

- रिकेश कुमार पंडित 'तेंदुलकर'
7 महीने पहले
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