"रेअर व्यू मिरर मे मूँछ ठीक की "
रेअर व्यू मिरर बोला गाड़ी से,
"सिर्फ ट्रैफिक देखने को मत आँखे सेंक,
मैं हूँ मर्दों की शान का शीशा,
हर मुच्छड के मन में झाँक।"
ड्राइवर साहब सुबह-सुबह मुस्काए,
मूँछ का एक-एक बाल खड़ा हो जाए!
चट से जटा, बटा से पट,
गाड़ी रुकी और मूँछ सेट कर गए झटपट।
पीछे बाइकवाला हार्न बजाए,
पर साहब मूँछ में ही मगन नजर आए।
सड़क पे लगे जाम को किया इग्नोर,
मूँछ पे मरोड़ी दी जैसे बजा रहे हो सिंगार झकझोर।
कभी डेट पे जाना हो या इंटरव्यू में दिखाना रौब,
रेअर व्यू मिरर बना मूँछों का ग्लोब।
कंघा, तेल, और हल्की सी मुस्कान,
सामने ट्रैफिक नहीं, मूँछों पे ध्यान!
रेअर व्यू मिरर की है ये त्रासदी पुरानी,
"गाड़ी चले भले उल्टी दिशा,
पर मूँछें रहें एकदम तिरछी-ताजी!"
एक दिन ट्रैफिक पुलिस ने टोका,
"भाई, शीशे में खुद को कितना निहारोगे डेली?"
साहब बोले, "जनाब, मूँछ पे मूड टिका है,
आप चालान काटिए, स्टाइल पे मत लगाइए पहेली।"
-रमेश मेंदीरत्ता