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जीवन साथी

Rekha Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्यार और विश्वास से भरा,
        
                                                    
                            
है यह रिश्ता अनोखा।
बंध जाते हैं प्रेम डोर में,
दो अजनबी यहां।

हर खुशी-ग़म एकदूजे का ,
सहृदय अपनाते हैं।
बनकर हमदम एकदूजे पर,
वो अपनी जान लुटाते है।
कभी नोक-झोक,
कभी करते हैं तकरार ,
तो कभी प्यार की बारिश में,

संग, संग वो नहाते हैं।
कदम जो कभी लड़खड़ाये,
बन कर हिम्मत हमस़फर का,
हौंसला वो बढ़ाते हैं।

छुट जाए चाहे साथ दुनिया का,
एकदूजे का हाथ ,न कभी छुड़ाते हैं,
जीवन के अंतिम समय तक ,
एकदूजे का साथ निभाते हैं।

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले
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