हवा बदले तो मौसम का इरादा भाँप पढ़ लेते हैं,
तेरे आने से पहले ही तेरा पैग़ाम नाप लेते हैं।
तू ख़ामोश रहे फिर भी तेरी आँखें बता देतीं हैं,
हम तेरे दिल की हर धड़कन का मतलब जान लेते हैं।
जो चेहरे मुस्कुराकर दर्द छुपाने लगते हैं,
हम उनकी आँख में छुपा हुआ तूफ़ान जान लेते हैं।
हमें आदत है अँधेरों में सफ़र करने की,
इसीलिए हम उजालों में भी अनुमान लगा लेते हैं।
कभी जो वक़्त हमसे रूठकर जाने लगे,
हम उसके हाथ से भी, अपना एक पल माँग लेते हैं।
ज़िंदगी तू चाहे जितने इम्तिहान ले हमसे,
हम हर मुश्किल को अपना एक मक़ाम मान लेते हैं।
-रतन कुमार कैथवास