विज्ञापन

कहते कहते क्या होता

rashmi gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कहना है कि कहते कहते क्या होता
        
                                                    
                            
होते होते क्या होता
जब नहीं जगती आंख धूप तलक
रात तलक फिर क्या होता
कहते कहते क्या होता
होते होते क्या होता
जिसका नहीं होता कोई तब क्या होता
जिसका होता कोई तब क्या होता
जाने वाला तो जाता ही
पर चिता तलक अब क्या होता
पंडित, पड़ा, चूल्हा चाकर
तेरहवीं तलक अब सब होता
जो कुछ भी मेरा था, वो क्या होता
लड़ते आपस में या फनकारे लगती
इतने वर्षों के तप का क्या होता
जलती चिता या जलता तप
इन सबमें से आखिर क्या होता
होते होते क्या होता
कहते कहते क्या होता
एक वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

rashmi gupta

191 कविताएं

View Profile

Deepti Tripathi

119 कविताएं

View Profile