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कहते कहते क्या होता

                
                                                         
                            कहना है कि कहते कहते क्या होता
                                                                 
                            
होते होते क्या होता
जब नहीं जगती आंख धूप तलक
रात तलक फिर क्या होता
कहते कहते क्या होता
होते होते क्या होता
जिसका नहीं होता कोई तब क्या होता
जिसका होता कोई तब क्या होता
जाने वाला तो जाता ही
पर चिता तलक अब क्या होता
पंडित, पड़ा, चूल्हा चाकर
तेरहवीं तलक अब सब होता
जो कुछ भी मेरा था, वो क्या होता
लड़ते आपस में या फनकारे लगती
इतने वर्षों के तप का क्या होता
जलती चिता या जलता तप
इन सबमें से आखिर क्या होता
होते होते क्या होता
कहते कहते क्या होता
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एक वर्ष पहले

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