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गूगल युग का बच्चा

Rasham Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आजकल का बच्चा है बड़ा कमाल,
        
                                                    
                            
हर बात में ढूंढे गूगल का हल-बवाल।
कभी पूछे Siri, कभी बोले Alexa,
पढ़ाई से दूर, चला टेक्नो-टैक्सा!

किताबों से अब उसका रिश्ता टूटा,
ज्ञान का दरवाज़ा गूगल से ही छूटा।
डिक्शनरी, नोट्स — सब हो गए बेकार,
अब तो "Copy Paste" है उसका आधार।

माँ ने कहा – "खीर कैसे बनती है?"
बच्चा बोला – "रिल्स में चलती है!"
पापा बोले – "इंटरव्यू की तैयारी कर,"
हँसकर बोला – "GPT है ना, मेरा करियर स्टार!"

टीचर बोले – "मन लगाओ पढ़ाई में,"
कहता – "AI से सब सिख लूंगा लड़ाई में!"
गुरु-शिष्य का रिश्ता अब धुंधला गया,
हर सवाल पर 'OK Google' खुला गया।

गाँव की गलियाँ, शहर की चाल,
हर नक्शा बताए गूगल बेमिसाल।
ज्योतिष, पुराण भी अब इसके पीछे,
कुंडली से पहले करे 'AI' की सीखे।

ज्ञान बढ़ा या घटा – सोचने वाली बात,
या बस उलझे हैं हम डिजिटल सौगात।
जो भी हो, अब बच्चा परेशान नहीं,
हर बात पे बोले – "गूगल से कमाल नहीं!"
एक वर्ष पहले
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