विज्ञापन

आहट इक आवाज

RANDHIR SINGH

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम्हारे कदमों की आहट से ही दिल धड़क जाए।
        
                                                    
                            
इस तरह से आओ ज़िंदगी में ज़िंदगी संवर जाए।।

बहुत ही तन्हा चला हूं जिंदगी के सफ़र में,
अब तुम्हारा साथ मेरा हमसाया बन जाए।

ये गिला बदस्तूर कि हसीं वादियों से महरूम रहा,
अब ये विरानगी भी इक दिलकश चमन बन जाए।

बहुत ही दिलचस्प रहा मेरी आवारगी का सफ़र,
अब हर कोई 'रणधीर' की संजीदगी का कायल बन जाए।
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
4 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

samarth dalela

2 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10856 कविताएं

View Profile