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घोषणा पत्र

Ramprakash Rajput

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सिर्फ चुनाव जीतने के लिये
        
                                                    
                            
कई दफ़ा ये रेत के महल बनाते हैं

और मतदातााओं को गुमराह करने की कोशिश करते रहते हैं
ये घोषणापत्र को बदनाम करने की कोशिश करते रहते हैं

कोई लाखों की बातें करता है
तो कोई हजारों की
कोई रोजगार की बातें करता है
तो कोई कर्जमाफी की

कोई बड़े - बड़े एलान करता है
तो कोई बिना किसी नियोजन के बखान करता है

तो कुछ अपने ही एलानो को सिर्फ चुनाव जीतने का हथियार समझते रहते हैं
ये घोषणा पत्र को बदनाम करने की कोशिश करते रहते हैं

ऐसे में सवाल उठता है की कैसा हो घोषणा पत्र

घोषणा पत्र में लिखी बातों में नीति और नियोजन होना चाहिए
जो लक्ष्य बनाया है उसका आधार होना चहिये

लक्ष्य को पाने की नियत हो
लक्ष्य को पाने की चाहत हो
इसे पाने की राह कौन सी हो
इस लक्ष्य को पाने की छमता कितनी है

घोषणा पत्र में इन सभी बातो की जवाबदेही तय
होनी चाहिये

सही नियत एवं नीति के साथ लक्ष्य को पाने कोशिश करते रहे
जिससे इनका घोषणा पत्र विकास का आधार बने
और प्रगति और समृद्धि का सार बने

( इस कविता में किसी भी प्रकार से किसी भी दल को नहीं दर्शाया गया है इस कविता के माध्यम से इस बात जोर दिया गया है की घोषणा पत्र में कही
बातो को पूरा करने या उसे पूरा करने के लिये गये निर्णयों एवं की गई कोशिशों जवाबदेही तय हो )

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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7 वर्ष पहले
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Anil Pandey

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