विज्ञापन

स्थायी नहीं है कुछ भी

Ramjeet pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो मनुष्य कभी ध्यान पूर्वक ढूंढता है की क्या है अपने सुख-दुख के कारण प्रमुख,
        
                                                    
                            
तो कभी बिन सोचे समझे ही बतला देता है कि सुख-दुख के कारण है अमुख अमुख,
उस मनुष्य को सदा याद रखना चाहिए कि इस झूठी और मायावी दुनिया में,
सब कुछ ही अस्थायी है, कुछ भी नहीं है स्थायी, बड़े से बड़ा सुख हो या फिर की दुख|
-मनस्व
एक दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Bihari BR01

2 कविताएं

View Profile

Neet Biology

10 कविताएं

View Profile