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ना ही इश्क करना है कोई अपराध संगीन

Ramjeet pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चाहे एक आशिक अपने आशिका के संग दिन भर रहे खुश और रात भी करे रंगीन,
        
                                                    
                            
और चाहे एक आशिक अपने आशिका से बिछड़ने पर पूरे दिन और रात रहे गमगीन,
वह तो हमेशा इश्क को गलत ठहरने वाले जमाने से यही कहता है कि इश्क ना तो है,
किसी अपराध का कारण बनने वाला और ना ही इश्क करना है कोई अपराध संगीन|
-मनस्व
2 घंटे पहले
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