ना हीं ये मेरे मन का वहम है ना ही मेरे मन का मैल,
सचमुच ना हीं मैं गधा हूं और ना ही हूं मैं बैल,
सच की बात जहां आती है जिद पर अड़ जाता हूं,
दुनिया के नजर में, मैं आदमी हूं बड़ा ही गुस्सैल|
-मनस्व