विज्ञापन

खेल दिया है अपना का खेला

Ramjeet pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चाहे शाम के जश्न का वक्त हो या हो सुबह की बेला,
        
                                                    
                            
गुमसुम सा बैठा कोई व्यक्ति यदि रहता है अकेला,
तो समझो इस भाग दौड़ और भीड़ भरी दुनिया में भी,
इस इश्क ने उसके साथ खेल दिया है अपना खेला|
-मनस्व
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all