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खेल दिया है अपना का खेला

                
                                                         
                            चाहे शाम के जश्न का वक्त हो या हो सुबह की बेला,
                                                                 
                            
गुमसुम सा बैठा कोई व्यक्ति यदि रहता है अकेला,
तो समझो इस भाग दौड़ और भीड़ भरी दुनिया में भी,
इस इश्क ने उसके साथ खेल दिया है अपना खेला|
-मनस्व
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एक महीने पहले

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