कोई नहीं जानता कब कौन किसे किधर से आकर मार दे धक्का अनायास जी,
कोई नहीं जानता किसका कब कौन बढ़ते हुए कदम को रोकने का करने लगे प्रयास जी,
सचमुच श्री हरि विष्णु की माया से बनी इस पूरी सृष्टि में उनके अतिरिक्त अगले ही क्षण,
क्या होने वाला है जानने की तो छोड़ो कोई भी अन्य लगा नहीं सकता तनिक भी कयास जी|
-मनस्व